এক যুগ সহস্র যোজন দূরে অবস্থিত যে সুর্যদেব তাকে আপনি মিষ্ট ফল জ্ঞানে গ্রহণ করতে উদ্যত হয়েছিলেন। व्याख्या – श्री हनुमान जी महाराज की शरण लेने पर सभी प्रकार के दैहिक, दैविक, भौतिक भय समाप्त हो जाते हैं तथा तीनों प्रकार के आधिदैविक, आधिभौतिक एवं आध्यात्मिक सुख सुलभ हो जाते हैं।